अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी आईएईए के महानिदेशक रफ़ाएल ग्रोसी ने स्पैनिश पत्रिका एलपाइस से बात करते हुए बताया कि ईरान के साथ होने वाली सहमति, परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण को जारी रखने के लिए एक अस्थाई उपाय है। आईएईए और तेहरान के बीच हुए समझौते के आधार पर अब ईरान, अपने प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों केे चित्र, एजेन्सी के हवाले नहीं करेगा। इसी समझौते के आधार पर ईरान ने स्वीकार किया है कि वह तीन महीनों तक कैमरों की तस्वीरों को डिलिट नहीं करेगा और इन तीन महीनों में प्रतिबंधों को हटाए जाने की स्थिति में चित्रों को आईएईए के हवाले कर देगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध न हटाए जाने की सूरत में वह कैमरों की फ़िल्मों को डिलिट कर देगा।
ग्रोसी ने इस सवाल के जवाब में कि जेसीपीओए में वापसी के लिए ईरान और अमरीका में से किसे पहले क़दम उठाना चाहिए? कहा कि मेरा मानना है कि सबको क़दम उठाने चाहिए और यह क़दम बहुत जल्दी उठाए जाएं। याद रहे कि परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने और इस समझौते के संदर्भ में यूरोप द्वारा दिये गए वचनों के पालन में आनाकानी के कारण ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने की घोषणा कर दी और कहा कि सभी प्रतिबंधों के हटाए जाने और समझौते के दूसरों पक्षों की ओर से अपने वचनों को पूरा करने की स्थिति में तेहरान, जेसीपीओए को पूरी तरह से लागू करने की ओर वापस आएगा।